लोहार्गल धाम पर बने आराध्य देव मीन भगवान मंदिर से अध्यात्मिक संदेश,लगातार चला भजन कीर्तन, हजारों भक्तों ने पाया भंडारे का प्रसाद, श्रद्धालुओं की बनी शरण स्थली
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)
मालखेत की 24कोसी परिक्रमा के लगभग अंतिम पड़ाव पर शुक्रवार को अमावस्या पर देर शाम हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्य कुंड में आस्था की डुबकी लगाई। तीर्थ यात्रा पर आए भक्त श्रद्धालुओं ने दान पूजा अर्चना कर पुण्य कमाया।यात्रा में वृद्ध महिलाओं ओर बुजुर्गो की संख्या भी युवाओं से कम नहीं आंकी जा सकती।लोहार्गल में जगह जगह धर्मात्माओं भामाशाहों ने जल पान और लंगर की व्यवस्थाएं की।हर धर्मशाला मंदिर में निःशुल्क दवाइयां और भोजन की व्यवस्था देखी गई।पर मीणा धर्मशाला और मीन भगवान के मंदिर प्रांगण का नजारा भी अन्य धर्मशालाओं से कम नहीं था। मीणा धर्मशाला तीर्थ नगरी में एक विशिष्ट स्थान रखती हैं।
मुख्य मंदिर चतुर संप्रदाय के खाकी मंदिर के बगल में ओर सूर्य कुंड के पास होने से इस स्थल की तरफ हर यात्री की नजर रहती है।यही कारण रहा कि लगातार यहां पर यात्रियों की कतार नहीं टूटी।धर्मशाला का अच्छा मैनेजमेंट भी लोगो को रास आया।।।दिन रात भंडारा चला भजन कीर्तन की रस रंगा बही। मीणा धर्मशाला एवं भगवान मिनेश मंदिर लोहार्गल धाम शेखावाटी के अध्यक्ष सुरेश मीणा किशोरपुरा ने लगातार व्यवस्थाओं को हैंडल किया।लोहार्गल धर्मशाला के कोषाध्यक्ष और लंबे समय से सेवा देने वाले प्रभाती लाल उदयपुरवाटी,सुगना राम टोडपूरा,मोहन लाल नागल,रतन मीणा जोधपुरा, मास्टर बनवारी लाल मीणा उदयपुरवाटी, रोहिताश मीणा भोड़की,भामाशाह समाज सेवी जगदीश मीणा टोडी, समाज के कार्यवाहक अध्यक्ष होशियार बामलास,, मंदिर पुजारी नवल स्वामी, पूर्व प्रधानाचार्य केशर देव उदयपुरवाटी सहित कई समाज के लोगो ने आगे आकर व्यवस्थाओं को संभाला सहयोग किया। धर्मशाला में कुचामन सिटी पांचवा के शिवपुरी आश्रम के महंत बाबा जयराम दास महाराज, फुसजी महाराज,भवानी सिंह, राठौड़,पवन स्वामी ने भी शिरकत की।धर्मशाला मंदिर में लगातार चले भंडारे ओर मरम्मत कार्य में सहयोग जुटाने वाले सेवा भावी लोगो ओर दानदाताओं का जल्द ही अभिनंदन किया जाएगा।

