लक्ष्मणगढ़: योगाभ्यास में जुड़े विद्यार्थी, त्रिगुणों को इलेक्ट्रॉन-प्रोटॉन की वैज्ञानिक अवधारणाओं से समझाया
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोलवा में विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नियमित योग को दिनचर्या में शामिल करने और इसके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
योग को केवल व्यायाम मानना इसके व्यापक स्वरूप को सीमित करना
प्रधानाचार्य पृथ्वी सिंह ने बताया कि योग सत्र के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षक शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक कसरत या वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह आत्मोपचार, आत्मानुशासन और जीवन दर्शन की श्रेष्ठ विद्या है। यह व्यक्ति को स्वार्थ, अहंकार और सीमित सोच से ऊपर उठाकर समग्र रूप से विकसित होने की प्रेरणा देता है।
इलेक्ट्रॉन-प्रोटॉन से की त्रिगुणों की तुलना
सत्र के दौरान योग के पौराणिक व वैज्ञानिक पहलुओं का अनूठा संगम देखने को मिला। योग प्रशिक्षक ने त्रिगुणों—सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण—की अवधारणा को भौतिक विज्ञान के इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से जोड़कर विद्यार्थियों को बड़े ही रोचक अंदाज में समझाया। साथ ही, प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से अष्ट चक्रों के जागरण और आंतरिक सकारात्मक परिवर्तन के बारे में विस्तार से बताया गया।
औषधीय पौधों और प्राकृतिक चिकित्सा की जानकारी
योग अभ्यास के साथ-साथ विद्यार्थियों को नीम, गिलोय, आंवला, एलोवेरा, तुलसी और हल्दी के औषधीय गुणों की जानकारी दी गई ताकि वे प्राकृतिक चिकित्सा को समझ सकें।
आयोजन के अंत में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक योग को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बनवारी लाल, दशरथ सिंह, प्रहलाद, शैलेंद्र, राणेंद्र, निर्मल कुमार सहित समस्त शिक्षकवृंद और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

