उमरैण ब्लॉक में प्रशिक्षण कार्यक्रम; बाल विवाह प्रतिषेध कानून की दी जानकारी
अलवर (कमलेश जैन) उमरैण ब्लॉक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शिव शिक्षा समिति राणोली द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रधानाध्यापक एवं एसएमसी सदस्य का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिव शिक्षा समिति की परियोजना अधिकारी प्रियंका सिंह ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को अभियान के उद्देश्य एवं महत्त्व से अवगत कराया और बताया कि अलवर जिले में बाल विवाह की स्थिति 32.02% है। राजस्थान में अलवर का स्थान 10वाँ है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति में प्रधानाध्यापक एवं एसएमसी सदस्य की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की तथा बाल विवाह रोकथाम में उनके योगदान की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रुबिया ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 एवं उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। और इसे करवाने वाले—माता-पिता, पंडित, हलवाई, टेंट संचालक, रिश्तेदार—सभी कानूनन दंडनीय अपराध के भागीदार हैं। इसी के साथ विद्यालय सुरक्षा एवं विद्यालय में सुरक्षित वातावरण से सम्बंधित मानकों के बारे बताया गया!
कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रुबिया द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक समन्वयन किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह रोकथाम की शपथ ली। कार्यक्रम में उपस्थित रविंद्र यादव ने इस प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके लिए अत्यंत उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाला सत्र रहा।

