हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर डॉ देवेन्द्र शर्मा के दूसरे खंड काव्य का हुआ लोकार्पण
अलवर (कमलेश जैन) अलवर की साहित्यिक संस्था - 'सृजक' की ओर से हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में अलवर के वरिष्ठ कवि डॉ देवेन्द्र शर्मा की सत्रहवीं साहित्यिक कृति तथा 'शहीद भगत सिंह' के बाद प्रकाशित दूसरे खण्ड काव्य - 'अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद' का लोकार्पण सरदार अमरीक सिंह 'अदब' की अध्यक्षता में यहाँ रेलवे स्टेशन के सामने संजय कॉलोनी स्थित एम.एन.सी.आई. के सभागार में सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि रघुवर दयाल जैन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में गिरवर सिंह बाँकावत के साथ वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोकुल राम शर्मा 'दिवाकर' , उपाध्यक्ष रेणु मिश्रा , खेमेन्द्र सिंह चंद्रावत , विभा आर्य , मधु यादव व रामचरण 'राग' ने पुस्तक का लोकार्पण किया ।
पुस्तक पर समीक्षात्मक टिप्पणी करते हुए रामचरण 'राग' ने कहा कि - "डॉ देवेन्द्र शर्मा जी ने राष्ट्रभक्ति से प्रेरित होकर कविता का अपना ऐसा मौलिक पथ निर्मित किया है जो अपनी लय और शिल्प की विशिष्टताओं के चलते अलग से पहचाना जा सकता है। उनके काव्य की पंक्ति - पंक्ति पाठक की प्रज्ञा को ठहर कर चिंतन - मनन के लिए तथा उसकी अर्थ - व्यंजना तक पहुँच बनाने हेतु पर्याप्त अवकाश निर्मित करती है।" सृजक की उपाध्यक्ष एवं शिक्षाविद श्रीमती रेणु मिश्रा ने भी पुस्तक के कई पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर कृति के रचयिता डॉ देवेन्द्र शर्मा ने पुस्तक के महत्वपूर्ण अंशों का पाठ किया तथा इसकी रचना प्रक्रिया पर भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए। पुस्तक लोकार्पण से पूर्व शिक्षाविद विभारानी आर्य ने कृतिकार का परिचय प्रस्तुत किया।
सृजक के सचिव रामचरण 'राग'ने बताया कि हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सृजक के साहित्यिक कार्यक्रम में पहली बार सितंबर माह में जन्में गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकार डॉ देवेन्द्र शर्मा एवं कवयित्री सीमा कालरा को पटका व मोतियों की माला पहनाकर उत्साहपूर्वक उनका जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कवि गोष्ठी में सरस्वती वंदना गीतकार गोकुल राम शर्मा 'दिवाकर' ने प्रस्तुत की तथा रघुवर दयाल जैन, डॉ देवेन्द्र शर्मा, गिरवर सिंह बाँकावत, सरदार अमरीक सिंह 'अदब', रामचरण 'राग', डॉ वेद प्रकाश यादव 'सहज', नरेंद्र शर्मा, विभा रानी आर्य, घनश्याम शर्मा, प्रदीप भारद्वाज, अनुराग शर्मा, महेश वेदामृत, देवांश जाँगिड़, रघुनंदन अवस्थी, अभिषेक गर्ग , प्रदीप माथुर, श्रीमती मधु यादव, शीला स्वामी, मुकेश गुप्त 'अचल' , सीमा कालरा एवं सदाराम चौमूं आदि अनेक कवियों ने भारतीय संस्कृति के विभिन्न रंगों की , हिन्दी दिवस की तथा देशभक्ति सहित अनेक समसामयिक विषयों पर केंद्रित रचनाओं की प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित सभी श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन सृजक संस्थान के उपाध्यक्ष खेमेन्द्र सिंह चंद्रावत ने किया तथा धन्यवाद एवं आभार उपाध्यक्ष श्रीमती रेणु मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम में सृजक संस्थान के पदाधिकारियों में कोषाध्यक्ष हेमराज सैनी, लेखिका श्रीमती नीलिमा गुप्ता, एड० हरि शंकर गोयल, समाजसेवी अशोक आहूजा, शिक्षाविद प्रदीप सैनी, राज नारायण सैन, संजय दीक्षित, मोहित पंडित, कपिल शर्मा, संदीप पंडित, संगीतज्ञ चिन्मय पाराशर, धीरज उपाध्याय, ठाकुर दिनेश सिंह, संजीव नधेड़िया, नरेन्द्र मोहन शर्मा, हेमंत गुप्ता, आर. एस. नागपाल , अभिनव 'राजहंस' , विष्णुदत्त शर्मा, जितेन्द्र पोपली, राधेश्याम शर्मा, मौ० अज़ीज़ , अशोक कुमार शर्मा एवं राजेन्द्र शर्मा के अलावा अलवर के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

