रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा शिविर: बीबीरानी कॉलेज की छात्राओं ने सीखे गुर, बढ़ा हौसला और आत्मविश्वास
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
राजकीय महाविद्यालय बीबीरानी में छात्राओं को आत्मनिर्भर, सजग और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित 24 दिवसीय 'रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर' का भव्य समापन हुआ। इस शिविर के दौरान छात्राओं ने विपरीत और आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के व्यावहारिक गुर सीखे।
यह विशेष प्रशिक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीमती जया सिंह के कुशल निर्देशन में आयोजित किया गया। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, थाना कोटकासिम की महिला कांस्टेबल श्रीमती हेना (बैज नंबर 166) और श्रीमती सुभांता (बैज नंबर 164) ने प्रशिक्षण देते हुए छात्राओं को पंच, किक, ब्लॉक, और अचानक होने वाले हमलों से बचाव की तकनीकें सिखाईं। इसके अलावा, किसी मनचले द्वारा हाथ या चोटी पकड़ने, पीछे से जकड़ने या गला दबाने जैसी गंभीर स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देकर खुद को कैसे छुड़ाया जाए, इसका सजीव प्रशिक्षण भी दिया गया।
छात्राओं ने किया लाइव प्रदर्शन
समापन समारोह के दौरान छात्राओं ने आत्मरक्षा की तकनीकों का शानदार लाइव प्रदर्शन किया। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर महाविद्यालय प्रशासन और उपस्थित अतिथियों ने उनकी मुक्तकंठ से सराहना की। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इनकी रही सक्रिय भूमिका
यह पूरा कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोहन लाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुचेता गुप्ता ने पुलिस विभाग और प्रशिक्षक महिला कांस्टेबलों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण छात्राओं में साहस, आत्मविश्वास और जागरूकता विकसित करने का एक बेहद प्रभावी माध्यम है।" कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. रुक्मिणी देवी, श्रीमती गीता देवी, सुश्री भागवती, श्रीमती दिव्या किरोड़ीवाल और सुश्री दीपा का विशेष सहयोग रहा।

