दीपावली त्यौहार के समय गरीबों के रोजगार पर संकट पैदा करने को लेकर प्रशासन की आलोचना
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) जिले में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते द्वारा दीपावली से पहले होप सर्कस , घंटाघर इलाके में गरीब बच्चों और कुम्हारों के मिट्टी के दीपक हटाने व कार्रवाई करने के मामले पर लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
दीपावली के मौके पर रोजी-रोटी कमाने के लिए मिट्टी के दीपक बेच रहे गरीब बच्चों और उनके परिवारों के दीपक नगर निगम की टीम द्वारा हटाने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद रोते हुए मासूम बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
लक्ष्मणगढ तहसील क्षेत्र के पूर्व प्रजापति समाज के अध्यक्ष गंगा लहरी प्रजापत स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताया और त्योहार के समय गरीबों के रोजगार पर संकट पैदा करने को लेकर प्रशासन की आलोचना की है। पूर्व तहसील अध्यक्ष ने कहा कि एक और सरकार स्वदेशी अपनाओ का स्लोगन दे रही है, वहीं दूसरी ओर स्वदेशी दीपकों को कचरे में पटक रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का घोर विरोध किया है ।
लोगों ने सवाल उठाया कि शहर को व्यवस्थित करने के नाम पर इस तरह गरीबों की आजीविका पर चोट करना कहां तक उचित है। दीपावली से पहले गरीब के घर कैसे जलेगा दीपक अगर इनके रोजगार को ही समाप्त कर देंगे तो गरीबों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट होगा।
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सरकार व प्रशासन से इन कुम्हारों, प्रजापति समाजऔर गरीब बच्चों के प्रति नरमी बरतने और उनके बैठने की उचित व्यवस्था करने की अपील की है।

