राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी में एक दिवसीय प्रशिक्षण सुमेरपुर के 4 अधिवक्ता मध्यस्थ हुए शामिल
जोधपुर (बरकत खान) पक्षकारों के आपसी विवादों का समझाइश के माध्यम से समाधान कर उन्हें सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जोधपुर स्थित राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक दिवसीय 'रोल प्ले' प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थता एवं conciliation प्रोजेक्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से आए मध्यस्थों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
- मध्यस्थता अधिनियम, 2023 की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान वरिष्ठ प्रशिक्षक अर्चना मिश्रा और प्रमिला आचार्य ने मध्यस्थता की आवश्यकता, इसकी मूल अवधारणा और प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मध्यस्थता अधिनियम, 2023 से अवगत कराते हुए बताया कि किस प्रकार पक्षकारों के बीच संवाद और आपसी समझ विकसित करके विवादों के स्थायी समाधान की राह प्रशस्त की जा सकती है। कार्यशाला में 'रोल प्ले' (अभिनय) के माध्यम से मध्यस्थता की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप में समझाया गया तथा आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण करने में मध्यस्थों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
- सुमेरपुर से इन अधिवक्ताओं ने लिया भाग
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली तथा तालुका विधिक सेवा समिति, सुमेरपुर की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (ADJ) सिद्धार्थ दीप के निर्देशानुसार सुमेरपुर न्यायालय से चार अधिवक्ता मध्यस्थों ने इस प्रशिक्षण में सहभागिता निभाई। इनमें सुमेरपुर बार एसोसिएशन के सदस्य एम. यासीन सिलावट (सांडेराव), श्रीमती आयशा सिलावट, सुरेश कुमार शर्मा, संजय खंडेलवाल शामिल रहे। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में जोधपुर के अलावा पाली, सोजत, बाली, बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा आदि क्षेत्रों के मध्यस्थों ने भाग लेकर मध्यस्थता प्रक्रिया के प्रभावी क्रियान्वयन की बारीकियों को समझा।

