हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामलाः शिक्षक के निलंबन पर स्टे के बाद नही कराया कार्यग्रहण,शिक्षा निदेशालय से मार्गदर्शन का दिया हवाला

Aug 22, 2025 - 13:04
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हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामलाः शिक्षक के निलंबन पर स्टे के बाद नही कराया कार्यग्रहण,शिक्षा निदेशालय से मार्गदर्शन का दिया हवाला


खैरथल (हीरालाल भूरानी) 
          राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के शिक्षा विभाग में हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला सामने आया है, जिसके चलते अब कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) शकुंतला मीणा और पंचायत समिति किशनगढ़ बास के ग्राम जाजौर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिसिपल संगीता यादव पर कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं करने को लेकर कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। यह कार्रवाई निलंबित शिक्षक संजय कौशिक के निलंबन पर हाई कोर्ट के स्टे आदेश की पालना नहीं करने के कारण की जा रही है। मामले की शुरुआत झालावाड़ जिले में स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की दुखद मृत्यु से हुई। इस घटना के बाद प्रबोधक संघ के प्रदेश महामंत्री और शिक्षक संजय कौशिक ने निलंबित किए गए पांच शिक्षकों के पक्ष में बयान दिया था। इसके चलते 29 जुलाई को राजस्थान शिक्षा मंत्री कार्यालय के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) सीताराम शर्मा ने संजय कौशिक को निलम्बित कर दिया। निलम्बन के खिलाफ संजय कौशिक ने राजस्थान हाई कोर्ट में अधिवक्ता हिमांशु जैन के माध्यम से याचिका दायर की, जिस पर 12 अगस्त को कोर्ट ने उनके निलंबन पर स्टे लगाते हुए उन्हें पुनः कार्य ग्रहण करने का आदेश दिया। इसके बावजूद जब संजय कौशिक 14 अगस्त को अपने स्कूल  उच्च माध्यमिक विद्यालय जाजौर में हाई कोर्ट के आदेश की प्रति लेकर पहुंचे तो जाजोर पी ई ई ओ संगीता यादव (प्रधानाचार्य) ने कार्य ग्रहण कराने से इनकार कर दिया और उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक खैरथल तिजारा शकुंतला मीणा के पास भेज दिया। इसी दिन अध्यापक संजय कौशिक जब कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीणा के पास पहुंचे तो उन्होंने भी कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए कार्य ग्रहण कराने से मना कर दिया और कहा की शिक्षा निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा जाएगा और वहां से निर्देश आने के बाद ही कार्य ग्रहण करवाया जाएगा। संजय कौशिक ने बताया कि वे 14 अगस्त को सुबह 7-55 बजे स्कूल पहुंचे और हाई कोर्ट के आदेश की प्रति प्रधानाचार्य को सौंपी। लेकिन उन्हें 10-00 बजे तक स्कूल में बैठाए रखा गया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने एक पत्र बनाकर उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खैरथल भेज दिया। दोपहर 11:00 बजे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचने पर शकुंतला मीणा ने राज्य सरकार से निर्देश लेने की बात कहकर उन्हें पूरे दिन इंतजार कराया, लेकिन कार्य ग्रहण नहीं कराया।

जिला कलेक्टर के आदेशों की भी जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक ने की अवहेलना-  इसके बाद संजय कौशिक ने उसी दिन जिला प्रशासन से हाई कोर्ट के आदेश की पालना कराने की गुहार लगाई। उनकी शिकायत पर जिला कलेक्टर ने मामले की जांच की और कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी शकुन्तला मीणा को हाई कोर्ट के आदेश की पालना कर संजय कौशिक को कार्य ग्रहण कराने के निर्देश दिए। लेकिन कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीणा ने जिला कलेक्टर के आदेशों को भी नहीं माना और गुरुवार को 8 दिन बीत जाने के बाद भी अध्यापक संजय कौशिक को कार्य ग्रहण नहीं करवाया गया है।

पूर्व भाजपा विधायक ने निलंबन को बताया गलत, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र-  अलवर ग्रामीण से पूर्व विधायक और वर्तमान में भाजपा प्रत्याशी जयराम जाटव ने अध्यापक संजय कौशिक के निलंबन को गलत बताते हुए आदेशों को प्रत्याहारित करने के लिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। पूर्व विधायक जाटव ने लिखा है कि अध्यापक संजय कौशिक का जाजौर स्कूल उनके विधानसभा क्षेत्र में आता है और इनका स्कूल में किसी भी प्रकार से कोई विरोध नहीं है। इनके प्रयासों से स्कूल में पौधारोपण, नामांकन वृद्धि जैसे सकारात्मक काम हुए है। संजय कौशिक की ना तो मेरी तरफ से और ना ही ग्रामीणों की तरफ से कोई शिकायत की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक के द्वारा इनका निलंबन बिना की आधार के गलत तरीके से किया गया है। इस लिए कौशिक का निलंबन आदेश प्रत्याहारित किया जाए। इस संबंध में जब जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीना से बात करनी चाहिए तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा बार-बार फोन किए जाने के बाद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। विदित रहे कि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी किशनगढ़ बास, जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री व जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी का चार्ज (डीईईओ) शकुंतला मीणा के पास ही है। ऐसे में एक जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा फोन नहीं उठाना एक गम्भीर विषय है।

 प्रिंसिपल जाजोर और जिला शिक्षा अधिकारी खैरथल तिजारा पर कोर्ट आफ कंटेंप्ट की तैयारी - संजय कौशिक ने बताया कि वे इस उलझन में हैं कि गुरुवार को उनकी उपस्थिति कहां दर्ज होगी, क्योंकि न तो स्कूल में और न ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उनकी जॉइनिंग स्वीकार की गई। उन्होंने जिला प्रशासन को दी गई अपनी अर्जी में स्पष्ट किया है कि यदि हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआटुतो वे अवमानना याचिका (कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट) दायर करने के लिए दोबारा हाई कोर्ट का रुख करेंगे। संजय कौशिक ने बताया कि अब वह गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल संगीता यादव और कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीणा पर कोर्ट आफ कंटेंप्ट लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

राजनीतिक द्वेषता और बिना आधार के निलंबन करने का आरोप - संजय कौशिक ने बताया कि प्रबोधक संघ राजस्थान (भामस) के प्रदेश महामंत्री हैं इसलिए वह अध्यापकों एवं प्रबोधक कैडर की समस्याओं व मांगो को समय-समय पर सरकार तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ लोग उनसे द्वेष भावना रखते हैं। उनकी छवि को खराब करने के उद्देश्य से उन्हें बिना किसी आधार के ही निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ ना तो किसी भी प्रकार की कोई जांच लंबित है और ना ही किसी ने कोई शिकायत की है। 

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