बैंक विलय से प्रभावित छात्रवृति भुगतान :छात्रों को जनाधार में नया खाता नंबर अपडेट कराने होंगे अनिवार्य
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 21 नवम्बर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में कई छात्रों के आवेदन पत्रों में इनकरेक्ट एकाउन्ट नम्बर एण्ड आईएफसी कोड प्रदर्शित हो रहा है. जिसके कारण छात्रवृत्ति भुगतान अटक गया है।
संयुक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्याम सुन्दर शर्मा ने बताया कि बढौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का राजस्थान ग्रामीण बैंक में विलय होने की वजह से पुराने बैंक खाते वाले छात्रों के आवेदन-पत्रों में तकनीकी त्रुटियां आ रही है और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सूचित किया गया है कि जिन छात्रों का खाता पूर्व में बडौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में था वे अपने जनाधार कार्ड में नया बैंक खाता नंबर एवं आईएफएससी कोड को अपडेट/अघतन कराएं। उन्होंने बताया कि जनाधार में संशोधन के बाद ई मित्र के माध्यम से छात्रवृति पोर्टल पर प्रोफाइल को भी अपडेट करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यदि छात्र समय पर नया खाता नंबर अपडेट नहीं करते हैं तो भुगतान लंबित रह सकता है या आवेदन निरस्त भी हो सकता है। इसलिए सभी संबंधित छात्र शीघ्र आवश्यक संशोधन करवा कर छात्रवृति भुगतान सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि केवल अनुसूचित जाति वर्ग के सभी विधार्थीयों को सूचित किया जाता है कि केन्द्रियांश का 60 प्रतिशत छात्रवृति भुगतान प्राप्त करने हेतु आवेदन में दिया गया स्वंय का बैंक खाता आधार सीडेड नही है तो 30 नवम्बर से पूर्व ही स्वंय की बैंक ब्रांच से संपर्क कर अपना खाता आधार सीडिंग करवाएं। केन्द्र सरकार द्वारा देय अंशदान राशि (60 प्रतिशत) 30 नवम्बर 2025 के बाद लम्बित आवेदनों में देय नहीं होगी।


