जहाजपुर मे लोगों को नियमानुसार बजरी उपलब्ध कराने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) ईआरसीपी (ERCP) परियोजना के तहत माइनिंग नियमों के अनुसार स्थानीय नागरिकों को नियमानुसार एवं रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सोमवार को उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में ईआरसीपी परियोजना के अंतर्गत जितनी मात्रा में रॉयल्टी रवन्ना जारी किया जा रहा है, उसी प्रक्रिया के तहत स्थानीय क्षेत्र के आम नागरिकों को भी उनकी आवश्यकता के अनुसार बजरी उपलब्ध कराई जाए। स्थानीय स्तर पर बजरी उपलब्ध नहीं होने के कारण मकानों के निर्माण, मरम्मत, सरकारी विकास कार्य, पंचायत स्तरीय निर्माण एवं निजी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे आमजन को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में स्थानीय स्तर पर रॉयल्टी दर से अधिक राशि वसूली जा रही है, जबकि ट्रैक्टर ट्रॉली में निर्धारित दर पर बजरी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे निर्माण कार्यों की लागत बढ़ने के साथ विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा ज्ञापन में दो अन्य मांगें भी उठाई गईं। पहली, जहाजपुर तहसील में पांच वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला किया जाए। दूसरी, चारभुजा नाथ घोड़े की सीमा (बाउंड्री) विवाद में दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा कर निर्दोष लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएं तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन के अंत में आमजन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए ईआरसीपी माइनिंग नियमों के अंतर्गत स्थानीय नागरिकों को विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार बजरी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके और विकास कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

