लक्ष्मणगढ़ में श्रद्धा और उल्लास से मना पर्व: महिलाओं ने नाग देवता को अर्पित किया दूध, घरों में बना अंकुरित अनाज का प्रसाद
लक्ष्मणगढ़/अलवर / कमलेश जैन
कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सावन मास का पहला सोमवार और नाग पंचमी का पावन पर्व अपार श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दोहरे धार्मिक संयोग पर जहां एक ओर सुबह से ही शिवालयों में "हर-हर महादेव" के जयकारे गूंजते रहे, वहीं दूसरी ओर महिलाओं ने नाग देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
बांबी पर उमड़ीं महिलाएं, अर्पित किया दूध: नाग पंचमी के अवसर पर कस्बे के किले रोड, खाई के पास तथा आसपास के खेतों में बनी बांबियों (नाग देव के निवास स्थान) पर सुबह से ही महिलाओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने विधि-विधान से नाग देवता की पूजा की और दूध अर्पित किया। परंपरा के अनुसार इस दिन घरों में अंकुरित अनाज (धान्य) और विशेष पकवान बनाए गए, जिसे परिजनों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।
शिवालयों में देर शाम तक लगा रहा तांता: सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर कस्बे के साथ-साथ तहसील क्षेत्र के मौजपुर और हरसाना सहित विभिन्न गांवों के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जल, दूध, पंचामृत और बेलपत्र से अभिषेक कर सुख-शांति का वरदान मांगा। पूजा-अर्चना का यह दौर देर शाम तक अनवरत जारी रहा।

