भरतपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा: जिला कलक्टर ने दिए सख्त निर्देश—हर सीएचसी पर 24 घंटे मिले प्रसव की सुविधा
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)। जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और चिकित्सा विभाग की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और योजनाओं का त्वरित भुगतान जिला कलक्टर ने जननी सुरक्षा योजना, राजश्री और लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रथम व द्वितीय किश्त का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन, एनीमिया जांच, और एम्बुलेंस के कॉल रिस्पॉन्स टाइम को सुधारने पर जोर दिया।
बैठक के प्रमुख बिंदु एवं दिशा-निर्देश:
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हर सीएचसी बने डिलीवरी पॉइंट: कलक्टर ने निर्देश दिए कि खुद के भवन और संसाधनों वाली सभी सीएचसी पर 24 घंटे संस्थागत प्रसव की सुविधा हो। कोई भी सीएचसी प्रसव के मामले में 'शून्य' नहीं रहनी चाहिए।
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मौसमी बीमारियों पर 'एंटीलार्वा' स्ट्राइक: डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर साप्ताहिक एंटीलार्वा गतिविधियां, सर्वे और दवा छिड़काव के निर्देश दिए गए।
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राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन (NQAS): ब्लॉक भुसावर, बयाना और रूपवास के अस्पतालों को एनक्यूएएस से सर्टिफाइड कराने के लिए पर्याप्त स्टाफ व उपकरणों वाले भवनों का चयन कर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आवेदन करने के आदेश दिए गए।
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बच्चों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग: आरबीएसके (RBSK) कार्यक्रम के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ियों के बच्चों की स्क्रीनिंग कर रेफर किए गए बच्चों का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
एडीएम राहुल सैनी ने नियमित टीकाकरण और निक्षय पोषण योजना की समीक्षा की। वहीं सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर ने जिले में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति से अवगत कराया।

