उदयपुरवाटी में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस: "विश्व शांति का आधार है मन की आंतरिक शांति" — बीके सुनीता दीदी
उदयपुरवाटी (सुमेरसिंह राव) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, उदयपुरवाटी के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, युवाओं और मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए राजयोग मेडिटेशन केंद्र संचालिका एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में भौतिक सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन मनुष्य के जीवन से सच्ची शांति गायब होती जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति कोई बाहरी वस्तु नहीं है जिसे बाहर खोजा जाए, बल्कि यह प्रत्येक आत्मा का मूल स्वरूप और जन्मसिद्ध अधिकार है।
- राजयोग से मिलती है आत्मिक शक्ति
दीदी जी ने बताया कि जिस तरह सूर्य का स्वाभाविक धर्म प्रकाश फैलाना है, उसी तरह आत्मा का स्वाभाविक गुण शांति का संचार करना है। राजयोग वह सहज माध्यम है, जिससे आत्मा सीधे परमात्मा से जुड़कर असीम शांति और आत्मिक शक्ति प्राप्त करती है। प्रातःकाल राजयोग अभ्यास से मन की चिंताएं, तनाव और नकारात्मक विचार समाप्त हो जाते हैं और मन हल्का महसूस करता है।
- व्यक्ति से ही शुरू होती है विश्व शांति
उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि विश्व शांति की नींव स्वयं व्यक्ति के भीतर से रखी जाती है। एक शांत व्यक्ति ही शांत परिवार का आधार बनता है, शांत परिवारों से समाज और अंततः संपूर्ण विश्व में शांति की स्थापना संभव होती है।
कार्यक्रम के समापन सत्र में सभी संभागियों को गहन राजयोग मेडिटेशन का सामूहिक अभ्यास कराया गया, जिसमें सभी ने विश्व कल्याण और शांति के लिए शुभ संकल्प किए।

