अलवर ACB का बड़ा धमाका: कठूमर पंचायत समिति के AEN ₹25 हजार और JEN ₹10 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
बिल पास करने का मांगा था 'कमीशन': 35 हजार की रिश्वत में 25 हजार लेते JEN और AEN को ACB ने दबोचा
कठुमर (अलवर) अनिल गुप्ता
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की भिवाड़ी टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अलवर जिले की पंचायत समिति कठूमर में कार्यरत सहायक अभियंता (AEN) और कनिष्ठ अभियंता (JEN) को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने फर्म के बिल भुगतान के बदले कुल 55 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
2.52 लाख रुपये का बिल पास करने की एवज में मांगी थी घूस एसीबी के महानिदेशक (पुलिस) गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी (मैसर्स पोसवाल कंपनी) ने ग्राम पंचायत ईटोला स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र के मरम्मत कार्य का निष्पादन एफएसएसी (FSAC) योजना के तहत टेंडर के जरिए किया था। इस कार्य का करीब 2,52,000 रुपये का बिल पंचायत समिति कठूमर में अटका हुआ था।
जब परिवादी ने बिल पास कराने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया, तो सहायक अभियंता (AEN) शिवराम ने 40 हजार रुपये और कनिष्ठ अभियंता (JEN) श्रीमती मिन्ना खान ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर परिवादी को परेशान करना शुरू कर दिया।
18 सितंबर को हुआ था मांग का सत्यापन शिकायत मिलने पर एसीबी चौकी भिवाड़ी द्वारा 18 सितंबर 2026 को रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान AEN शिवराम 35,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ, जिसमें से उसने 10,000 रुपये मौके पर ही ले लिए और शेष 25,000 रुपये बाद में लेने तय किए। इसी तरह JEN मिन्ना खान ने भी 15,000 रुपये की मांग में से 5,000 रुपये सत्यापन के दौरान ले लिए थे और 10,000 रुपये बकाया रखे थे।
ACB की टीम ने जाल बिछाकर दबोचा मंगलवार को एसीबी के उप महानिरीक्षक (DIG) डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और भिवाड़ी प्रभारी सुरजीत सिंह (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया गया। जैसे ही परिवादी ने बकाया रिश्वत की राशि दी, एसीबी टीम ने दबिश देकर आरोपी AEN शिवराम को 25,000 रुपये तथा JEN श्रीमती मिन्ना खान को 10,000 रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADGP) स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक (IG) एस. परिमाला के मार्गदर्शन में आरोपियों से पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है। एसीबी मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान कर रही है।

