दुड़िया गांव के सगे भाई-बहन का MBBS में चयन, आर्मी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में एक साथ लेंगे प्रवेश
उदयपुरवाटी / गुढ़ागौड़जी (सुमेरसिंह राव) दुड़िया गांव के एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार के सगे भाई-बहन ने एक साथ बड़ी सफलता हासिल कर क्षेत्र और परिवार का नाम गौरवान्वित किया है। बांगड़वा परिवार के पोते परीक्षित और पोती विधिका का चयन आर्मी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस (ACMS), दिल्ली छावनी में एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। दोनों का एक साथ चयन होने से गांव में जश्न का माहौल है और परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
तीन पीढ़ियों से जारी है देश और चिकित्सा सेवा की परंपरा
बांगड़वा परिवार का भारतीय सेना और चिकित्सा क्षेत्र से वर्षों पुराना नाता रहा है, जिसे अब तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है:
- प्रथम पीढ़ी (दादा): दादा डॉ. पूरणमल बांगड़वा सेना में चिकित्सा सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। 81 वर्ष की उम्र में भी वे रोजाना सुबह गांव के युवाओं को दौड़ और कसरत कराकर सेना में भर्ती होने की प्रेरणा देते हैं।
- द्वितीय पीढ़ी (पिता): पिता सूबेदार अनिल कुमार वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम कमान (जयपुर) के अधीन 418 मैदानी चिकित्सा सेवा में बतौर नर्सिंग ऑफिसर कार्यरत हैं। माता सरिता देवी आर्मी स्कूल में शिक्षिका रही हैं। (उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार में सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व निदेशक रहे ब्रिगेडियर भगवान सिंह, सेना मेडल भी इसी परिवार से हैं।)
- तृतीय पीढ़ी (पोता-पोती): अब परीक्षित और विधिका दोनों एक साथ डॉक्टर बनकर सेना के माध्यम से देश सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
बचपन से ही मेधावी रहे दोनों बच्चे
पिता सूबेदार अनिल कुमार ने बताया कि दोनों बच्चे शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय झोटवाड़ा (जयपुर) से पूरी की और उसके बाद रावत पब्लिक स्कूल, जयपुर से अपनी पढ़ाई संपन्न की। दोनों बच्चों की इस उपलब्धि पर समूचे दुड़िया गांव और बांगड़वा परिवार में खुशी की लहर है।

