ईसीसीई प्रशिक्षण से सशक्त हुईं 8 ब्लॉकों की 1247 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता; प्रारंभिक शिक्षा की दिशा में मजबूत कदम
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से विशेष पहल की गई है। रॉकेट लर्निंग संस्था एवं आईसीडीएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रथम चरण का क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया है।
आईसीडीएस के उपनिदेशक सिकरामाराम चोयल ने बताया कि 23 जुलाई से प्रारम्भ हुए इस अभियान के तहत जिले के 8 ब्लॉकों (वैर, रूपबास, बयाना, उच्चौन, भुसावर, नदबई, भरतपुर एवं सेवर) के 42 सेक्टरों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें कुल 1,247 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- बाल मनोविज्ञान और आधुनिक पद्धतियों पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा कार्यकर्ताओं को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, खेल एवं गतिविधि आधारित अधिगम, बाल मनोविज्ञान, भाषा व संज्ञानात्मक विकास तथा विद्यालय पूर्व शिक्षा के व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, सहज और सहभागी बनाना है।
- खेल-खेल में समझे गए शिक्षा के सिद्धांत
जिला समन्वयक प्राची चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जमीनी स्तर पर प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए दो माह की अवधि में कार्यकर्ताओं को बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं बौद्धिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इसी क्रम में, नदबई उपखंड के पहरसर आंगनबाड़ी केंद्र पर सुपरवाइजर अर्चना शर्मा के नेतृत्व में 25 कार्यकर्ताओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें सुमनलता, सुंदरी, राधा सैनी, मीना, सुनीता देवी, शीला देवी, मीनाक्षी, माया, बीना कुमारी एवं वसुंधरा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
- कागज के गिलासों से दिया मजबूती का संदेश
प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कागज के गिलासों (पेपर कप्स) से ऊंचा टावर बनाने की गतिविधि कराई गई। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार किसी टावर की मजबूती उसकी मजबूत नींव पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार जीवन के शुरुआती वर्ष ही बच्चों के भविष्य, व्यक्तित्व निर्माण और सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला होते हैं।

