बड़ी कार्रवाई: 38.54 क्विंटल गेहूं गायब मिलने पर उचित मूल्य दुकानदार का लाइसेंस निरस्त, डीलर की प्रतिभूति राशि भी जब्त
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितताओं और स्टॉक में भारी कमी पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला रसद अधिकारी (प्रथम), भरतपुर ने मौरोली कलां ग्राम पंचायत के उचित मूल्य दुकानदार का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
स्टॉक में मिला 38.54 क्विंटल गेहूं कम
जिला रसद अधिकारी कुशाल बिलाला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय जांच और आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उचित मूल्य दुकान पर स्टॉक एवं मूल्य सूची बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया था। निरीक्षण के वक्त दुकानदार द्वारा प्राधिकार पत्र और प्राधिकृत वितरण स्थल का नक्शा भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
जांच में सामने आया कि पॉस मशीन में जहाँ 59.29 क्विंटल गेहूं का स्टॉक दर्ज था, वहीं भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर मात्र 20.75 क्विंटल गेहूं ही उपलब्ध मिला। इस प्रकार कुल 38.54 क्विंटल गेहूं कम पाया गया। इस गंभीर अनियमितता के संबंध में दुकानदार द्वारा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया।
पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि संबंधित उचित मूल्य दुकानदार (दुकान कोड संख्या 18252, भरत सिंह, ग्राम पंचायत मौरोली कलां, तहसील भरतपुर) के विरुद्ध वर्ष 2024 में भी 72.77 क्विंटल गेहूं कम पाए जाने पर सख्त चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद पुनः गंभीर अनियमितता सामने आने पर 'राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं (वितरण विनियमन) आदेश, 1976' के प्रावधानों के तहत प्राधिकार पत्र निरस्त करने के साथ ही डीलर द्वारा जमा कराई गई 1,000 रुपये की प्रतिभूति राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) भी राजपक्ष में जब्त कर ली गई है।
उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थियों के राशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है।
मौरोली कलां क्षेत्र के राशनकार्ड धारकों को खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उन्हें निकटवर्ती उचित मूल्य दुकान से संबद्ध कर दिया गया है, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को समय पर और निर्बाध रूप से राशन सामग्री मिल सके।

