सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन शुरू, पहले दिन एक लाख लाभार्थियों ने कराया सत्यापन
जनआधार में आय, बैंक खाते और दिव्यांगता प्रमाण पत्र संबंधी कमियां बनीं परेशानी; अपात्र पाए जाने पर पेंशन होगी निरस्त, राशि की भी होगी वसूली
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए कैलेंडर वर्ष 2027 का वार्षिक सत्यापन 1 नवंबर 2026 से शुरू हो गया है। सत्यापन अभियान के पहले ही दिन प्रदेशभर में करीब एक लाख पेंशनर्स ने अपना वार्षिक सत्यापन करवा लिया। हालांकि, कुछ पेंशनर्स को जनआधार में दर्ज जानकारी में कमियों के कारण सत्यापन करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार 2 नवंबर को कुछ पेंशनर्स ने वार्षिक सत्यापन नहीं होने की शिकायत की। जनआधार की जांच में सामने आया कि कई लाभार्थियों के परिवार के सभी सदस्यों की वार्षिक आय का विवरण जनआधार पर उपलब्ध नहीं है। वहीं, कुछ पेंशनर्स के संशोधित बैंक विवरण का एनपीसीआई के माध्यम से सत्यापन नहीं हो पाया है। इसके अलावा विशेष योग्यजन श्रेणी के कुछ पेंशनर्स के यूडीआईडी पोर्टल से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जनआधार से जुड़े नहीं पाए गए। कुछ परिवारों में राज्य सरकार अथवा निगम के वर्तमान या सेवानिवृत्त कर्मचारी होने की जानकारी भी सामने आई है।
मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार अधिकाधिक पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन पेंशन योजना के लिए विकसित मोबाइल एप के माध्यम से करवाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर लाभार्थियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि वार्षिक सत्यापन के दौरान कोई पेंशनर अपात्र पाया जाता है तो नियमानुसार उसकी पेंशन निरस्त की जाएगी। साथ ही अनियमित रूप से किए गए पेंशन भुगतान की वसूली भी करवाई जाएगी। इसके अलावा किसी पेंशनर की मृत्यु अथवा पुनर्विवाह होने की स्थिति में संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी तत्काल पेंशन बंद करवाना सुनिश्चित करेंगे। मृत्यु अथवा पुनर्विवाह के बाद किए गए पेंशन भुगतान की राशि संबंधित बैंक खातों से वसूलने की कार्रवाई भी की जाएगी।

