एनएच-65 के प्रस्तावित बाईपास में भूमि अवाप्ति के मुआवजे पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
तरमीम में गड़बड़ी और सिंचित भूमि का सामान्य दर से मुआवजा देने का आरोप, भौतिक सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग
बावड़ी (जोधपुर/ मिश्रीलाल लखारा) राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-65 (नागौर-जोधपुर) पर प्रस्तावित नए बाईपास के लिए भूमि अवाप्ति और मुआवजा निर्धारण को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। इस संबंध में ग्राम बावड़ी चक द्वितीय, राजस्व गांव सिणगारिया ग्राम पंचायत डावोला नगर के ग्रामीणों और काश्तकारों की ओर से उपखंड अधिकारी बावड़ी जवारा राम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित बाईपास के लिए भूमि का चिन्हीकरण कर अवाप्ति की कार्रवाई की जा रही है तथा मुआवजा राशि भी निर्धारित की गई है, लेकिन भूमि की वास्तविक स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण मुआवजा निर्धारण में गड़बड़ी की आशंका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबरों की तरमीम सही नहीं होने से भूमि किसी अन्य खसरे से अवाप्त की जा रही है, जबकि मुआवजा राशि किसी दूसरे खातेदार के नाम जारी होने की स्थिति बन रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि अवाप्त की जा रही भूमि की किस्म अलग-अलग होने के बावजूद मुआवजा राशि समान निर्धारित की जा रही है। कई खातेदारों की सिंचित भूमि अवाप्त की जा रही है, लेकिन उन्हें बिरानी भूमि की दर से मुआवजा दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने मौके पर वास्तविक भूमि की तुलना में अधिक जमीन अवाप्त किए जाने की आशंका जताई। उनका कहना है कि भौतिक रूप से मौके पर अधिक भूमि ली जा रही है, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में रकबा कम दर्ज है। ऐसे में मौके पर भौतिक सर्वे करवाकर वास्तविक भूमि का आकलन किया जाना आवश्यक है।
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान करवाने, भूमि की वास्तविक किस्म के अनुसार मुआवजा निर्धारित करने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में डावोला नगर के समस्त ग्रामवासियों एवं काश्तकारों की ओर से किसानों के हित में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई।

