राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को नशामुक्त जागरूकता से जोड़ने एवं महिला नीति पर सेमिनार आयोजित
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) जन सुरक्षा के प्रति सक्रिय रुख अपनाते हुए, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को नशामुक्त जागरूकता कार्यक्रम के साथ जोड़ते हुए, राजकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं महिला नीति के संयुक्त तत्वाधान में सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उमा शर्मा एवं डॉ. प्रियंका गुप्ता की देखरेख और मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थों के सेवन के खतरों के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका गुप्ता ने बताया कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जागरूक करना है। कार्यक्रम में यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और मादक पदार्थों या शराब के प्रभाव में वाहन न चलाने पर जोर दिया गया। कजारिया टाइल्स के एनवारमेंट हेल्थ एंड सेफ्टी मेनेजर श्री राजेश द्विवेदी ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के उद्देश्यों को संप्रेषित करने में अग्रणी भूमिका निभाई और छात्राओं से मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए 'नशा मुक्त' अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया, जिससे सड़क सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और भी मजबूत हुई।
डॉ उमा शर्मा ने बताया कि सरकारी अधिकारियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और समुदाय के संयुक्त प्रयास सुरक्षित सड़कों के निर्माण और मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह और नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम जैसी पहलों के माध्यम से, अधिकारी स्थायी व्यवहारिक परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखते हैं जो एक सुरक्षित और स्वस्थ समुदाय के निर्माण में योगदान करते हैं।
महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने सड़क सुरक्षा उपायों के पालन के महत्व पर जोर देने के लिए कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और समुदाय में मादक पदार्थों के सेवन से संबंधित घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। यह आयोजन न केवल शिक्षा प्रदान करने बल्कि सुरक्षित सड़कें बनाने और मादक पदार्थों के सेवन पर अंकुश लगाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने का एक मंच भी साबित हुआ।

