भरतपुर में लघु उद्योग भारती ने मनाई भगवान विश्वकर्मा जयंती, हवन-पूजन के साथ हुआ विचार गोष्ठी का आयोजन
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
लघु उद्योग भारती, भरतपुर इकाई के तत्वावधान में निर्माण एवं सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा, उल्लास और विधि-विधान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्था के सचिव राहुल बंसल के औद्योगिक प्रतिष्ठान ‘वन पैक इंडिया’ परिसर में विशेष पूजन, हवन यज्ञ एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ संपन्न कराकर किया गया। महाआरती के बाद उपस्थित सदस्यों, कर्मचारियों और श्रमिकों को प्रसादी वितरित की गई।
शिल्प और तकनीकी ज्ञान के प्रणेता हैं भगवान विश्वकर्मा: कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इकाई अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुंतल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा समूचे संसार के प्रथम शिल्पकार, वास्तुकार और यांत्रिकी के जनक हैं। उद्योगों में कार्य कुशलता, नवाचार और विकास का मूल आधार उनके द्वारा दिया गया कर्म और तकनीकी का संदेश ही है।
उद्योगपति और श्रमिक एक सिक्के के दो पहलू: संस्था के उपाध्यक्ष मोहन बंसल ने उद्योगपतियों और श्रमिकों के बीच आपसी सद्भाव पर जोर देते हुए कहा कि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योग की प्रगति श्रमिकों के परिश्रम पर निर्भर करती है, वहीं उद्योगपतियों का कर्तव्य है कि वे अपने कामगारों का विषम परिस्थितियों में परिवार की तरह संबल बनें। वरिष्ठ पदाधिकारी दीनदयाल सिंघल और मनोज अग्रवाल ने भी सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने पर विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर काव्य बंसल, जितेंद्र पचौरी, हरीश शर्मा, प्रशांत शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक मौजूद रहे। अंत में सचिव राहुल बंसल ने सभी का आभार जताया।

