कठूमर में जलझूलनी एकादशी पर गूंजे ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे, 3 मंदिरों से निकलीं ठाकुरजी महाराज की भव्य पालकियां
कठूमर / अलवर (दिनेश लेखी)
कठूमर कस्बे में मंगलवार को जलझूलनी एकादशी का पावन पर्व अपार श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कस्बे के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, दाऊजी मंदिर एवं श्री सीताराम मंदिर से ठाकुर जी महाराज की भव्य पालकियां (डोल यात्रा) निकाली गईं।
जयकारों से गूंज उठे मुख्य बाजार
सीताराम मंदिर के महंत मनोज भारद्वाज, लक्ष्मी नारायण मंदिर के महंत भारत भूषण तथा दाऊजी मंदिर के महंत हनुमान के सानिध्य में ठाकुर जी महाराज की पालकियों को गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों के बीच निकली शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" और "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
पुष्पवर्षा और आरती कर लिया आशीर्वाद
शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पालकियों पर पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। महिला श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगीं। श्रद्धालुओं ने पालकियों पर फल-फूल अर्पित किए और परंपरा अनुसार पालकी के नीचे से निकलकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। कई स्थानों पर पालकियों का स्वागत आतिशबाजी कर किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद का वितरण भी हुआ।
बंध वाले हनुमानजी मंदिर में पूजन
तीनों मंदिरों से निकलीं पालकियां मुख्य बाजार से भ्रमण करते हुए एक साथ प्राचीन बंध वाले हनुमानजी मंदिर पहुंचीं। वहां पालकियों को विश्राम कराकर विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत पालकियां पुनः अपने-अपने मंदिरों के लिए रवाना हुईं। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं कस्बे के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

