खेड़ली में विधिक जागरूकता शिविर: बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों पर छात्रों को किया गया जागरूक
"इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी से करें, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का विरोध करें": खेड़ली में उमड़े 600 विद्यार्थी
खेड़ली (दिनेश लेखी)
तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर के तत्वावधान में, अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कठूमर उदय सिंह अलोरिया के निर्देशन में खेड़ली के नेहरू पब्लिक स्कूल में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य नंदराम सैनी सहित लगभग 600 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त की।
बच्चों के अधिकार और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
शिविर के दौरान पैरा लीगल वालंटियर अनुजा शर्मा ने नालसा (NALSA) बच्चों के लिए बाल कानूनी योजना-2024 के तहत विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों को समझाया कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान जैसे बुनियादी अधिकार प्राप्त हैं।
आज के डिजिटल युग की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने साइबर अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों को सचेत किया गया कि वे इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग बेहद सावधानी से करें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मुखर होने का आह्वान
शिविर में समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे मृत्युभोज और बाल विवाह पर भी गंभीर मंथन किया गया। अनुजा शर्मा ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बुरी तरह प्रभावित करता है। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद जागरूक रहें और अपने आसपास भी इस कुप्रथा को रोकने में अपनी सहभागिता निभाएं।
सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को राज्य व केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं से अवगत कराया गया। इसके तहत:
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पीड़ित प्रतिकर योजना और निःशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी दी गई।
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बताया गया कि समाज का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति पात्रता के आधार पर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
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आपसी और पारिवारिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए मध्यस्थता (Mediation) और लोक अदालत जैसे वैकल्पिक माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
इस शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने और एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज सुधार में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया।

