कठूमर के रामपुरा पाटन में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: बाल श्रम, बाल विवाह और एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों पर दी गई जानकारी
कठूमर (दिनेश लेखी)
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति खेरली के तत्वावधान में कठूमर क्षेत्र के आदर्श पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामपुरा पाटन में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के विद्यार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों सहित करीब 40 लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कानूनी अधिकारों और सहायता योजनाओं की जानकारी
शिविर के दौरान विधिक स्वयंसेवक दीपक कुमार मीना ने उपस्थित विद्यार्थियों और ग्रामीणों को सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल श्रम को कानूनी अपराध बताया और बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज को आगे आने का संदेश दिया।
इसके साथ ही, महिलाओं और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी गई तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनके लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं से भी लोगों को अवगत कराया गया।
“एसिड अटैक पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं” पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान नालसा (NALSA) की महत्वपूर्ण योजना “एसिड अटैक से पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना” पर विशेष प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सहायता, उनके अधिकारों और पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
शिविर के अंत में उपस्थित आमजन की व्यक्तिगत और सामाजिक कानूनी समस्याओं को सुना गया तथा उनकी परिस्थितियों के अनुसार उन्हें आवश्यक कानूनी परामर्श दिया गया। उपस्थित लोगों को प्रेरित किया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में तुरंत उचित कानूनी सहायता लें।

