लघु उद्योग भारती की बैठक में गूंजा भरतपुर के औद्योगिक विकास का मुद्दा: TTZ-NCR समस्याओं पर कानूनी पैरवी की उठी मांग
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
लघु उद्योग भारती, भरतपुर इकाई की मासिक बैठक रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित बृज औद्योगिक संघ के कार्यालय में आयोजित की गई। इकाई के उपाध्यक्ष दीनदयाल सिंघल के सौजन्य से हुई इस बैठक की अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुंतल ने की। बैठक में भरतपुर के औद्योगिक विकास, टीटीजेड (TTZ) एवं एनसीआर (NCR) से जुड़ी समस्याओं, नए उद्योगों की स्थापना, कौशल विकास केंद्र के निर्माण तथा आयकर व जीएसटी के सरलीकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
TTZ एवं NCR की समस्याओं पर प्रभावी कानूनी पैरवी की मांग
बैठक के दौरान सदस्यों ने टीटीजेड मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने और सुप्रीम कोर्ट समिति के स्तर पर उद्योगों के संचालन की अनुमति में संतोषजनक कार्रवाई न होने पर गहरी चिंता जताई। सदस्यों का मानना था कि इन अड़चनों से स्थानीय उद्योगों के संचालन और नए निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम गोयल ने जोर दिया कि भरतपुर के औद्योगिक हितों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मजबूती से रखा जाना चाहिए। उन्होंने सक्षम अधिवक्ता के माध्यम से प्रभावी कानूनी पैरवी कराने और आवश्यकतानुसार जनहित याचिका दायर करने का सुझाव दिया। साथ ही, अधिकारियों से मिलकर तथ्यों के साथ समस्याओं के समाधान के प्रयास करने पर भी सहमति बनी।
नए उद्योगों को बढ़ावा और कौशल विकास केंद्र की रूपरेखा
बैठक में पारंपरिक उद्योगों के साथ आधुनिक उद्योगों को प्रोत्साहित करने तथा मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने पर चर्चा हुई। राज्य सरकार व रीको द्वारा नए उद्यमियों को किराये पर भूखंड व भवन उपलब्ध कराने की पहल का स्वागत किया गया।
इसके अलावा, लघु उद्योग भारती द्वारा स्थापित किए जा रहे कौशल विकास केंद्र के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित केंद्र में आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, मीटिंग हॉल, छात्रावास और तकनीकी उपकरणों की सुविधा होगी, जिससे युवाओं और भावी उद्यमियों को मार्गदर्शन मिल सकेगा।
आयकर ऑडिट और GST व्यवस्था के सरलीकरण का सुझाव
सीए विनय गर्ग ने आयकर ऑडिट व रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि सभी रिटर्न के लिए एक समान समय-सीमा के बजाय पर्याप्त समय मिलना चाहिए। इसके साथ ही छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए जीएसटी अनुपालन की प्रक्रिया को और अधिक सरल व सुगम बनाने के सुझाव भी रखे गए।
बैठक के अंत में संगठन के सभी सदस्यों ने भरतपुर के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प लिया। संचालन व धन्यवाद ज्ञापन सचिव राहुल बंसल ने किया।

