कफनवाड़ा में किशोरी स्वास्थ्य सप्ताह: एनीमिया से बचाव, स्वच्छता और पोषण का मिला पाठ, बालिकाओं को बांटी आयरन की गोलियां
लक्ष्मणगढ़/कफनवाड़ा (अलवर) कमलेश जैन। अंतर्राष्ट्रीय किशोरी स्वास्थ्य सप्ताह के तहत मंगलवार को ग्राम पंचायत कफनवाड़ा में महिला अधिकारिता विभाग, अलवर के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'सशक्त बालिका-सुरक्षित समाज' सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के संकल्प को दोहराते हुए बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और आत्मरक्षा का पाठ पढ़ाया गया।
जाजम बैठक में माहवारी स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
महिला पर्यवेक्षक मकसूद अहमद के कुशल निर्देशन और ग्राम साथिन सीमा पंजाबी के नेतृत्व में एक विशेष 'जाजम बैठक' का आयोजन किया गया। बैठक में उपस्थित किशोरियों और बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता (मेंस्ट्रुअल हाइजीन), यौन प्रजनन स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, एनीमिया (खून की कमी) के लक्षण व बचाव तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्राम साथिन सीमा पंजाबी ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बालिकाएं समाज की रीढ़ और देश का भविष्य हैं। उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना बेहद जरूरी है। बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर ही सही मायनों में समाज और देश के विकास को गति दी जा सकती है।
एएनएम ने बांटी आयरन की टैबलेट, एनीमिया से लड़ने के बताए गुर
कार्यक्रम के दौरान एएनएम प्रतीक्षा राजपूत ने बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उन्हें आयरन की गोलियां (टेबलेट्स) वितरित कीं। उन्होंनेशोषण और कुपोषण से बचने के लिए खान-पान में पौष्टिक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया किशोरावस्था में खान-पान की अनदेखी और आयरन की कमी के कारण बालिकाओं में एनीमिया (खून की कमी) की समस्या आम हो जाती है, जिससे समय रहते सतर्क रहने की आवश्यकता है।
ये रहे मौजूद
इस प्रेरणादायक और स्वास्थ्यवर्धक आयोजन के दौरान विद्यालय के अध्यापक हंसराज वर्मा, कफनवाड़ा की साथिन सीमा पंजाबी, दीनार की साथिन आशा राजपूत, गायत्री शर्मा, शीला अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण बालिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

