वैर के राजकीय महाविद्यालय में 24 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू: महिलाओं और छात्राओं को सिखाई जा रही सेल्फ डिफेंस की तकनीकें
वैर (भरतपुर) कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
भरतपुर जिले के वैर स्थित राजकीय महाविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा केंद्र के तत्वावधान में महिलाओं एवं छात्राओं के लिए 24 दिवसीय विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 1 अक्टूबर 2026 से किया गया है, जो लगातार जारी है और कुल 24 दिनों तक संचालित होगा।
व्यावहारिक तकनीकों के साथ आत्मविश्वास की सीख
प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी एवं सहायक आचार्य भूपेंद्र सिंह तथा कार्यवाहक प्राचार्य बनवारी लाल बैरवा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में दक्ष मास्टर ट्रेनर्स द्वारा महिलाओं और छात्राओं को सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) की विभिन्न आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों का बारीकी से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न शारीरिक व व्यावहारिक गतिविधियां भी कराई जा रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं में अटूट आत्मविश्वास, सजगता, साहस और विपरीत परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है।
कानूनी अधिकारों और स्वास्थ्य की भी मिल रही जानकारी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें केवल आत्मरक्षा तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आसपास के विद्यालयों की छात्राओं और क्षेत्र की महिलाओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, उनके संवैधानिक अधिकारों तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से भी अवगत कराया जा रहा है। इससे महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाने में सक्षम बन रही हैं। प्रतिभागियों में ऊर्जा बनाए रखने के लिए शिविर के दौरान अल्पाहार की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम
कार्यवाहक प्राचार्य बनवारी लाल बैरवा ने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ऐसे प्रशिक्षण आज के समय की एक बड़ी जरूरत हैं। इनसे महिलाएं न केवल शारीरिक रूप से मजबूत होती हैं, बल्कि समाज में अपनी सशक्त एवं सम्मानजनक भूमिका निभाने के लिए भी आगे आती हैं। कार्यक्रम के दौरान सहायक आचार्य गौतम कुमार मीना और रामप्रसाद ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन कर बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया।
राजकीय महाविद्यालय वैर प्रशासन ने क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाओं और छात्राओं से इस 24 दिवसीय निःशुल्क/विशेष शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

