"कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर होगी सीधी कार्रवाई": संयुक्त निदेशक कृषि के नेतृत्व में खाद विक्रेताओं की दुकानों पर छापे
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी के निर्देशों की पालना में कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीमों ने जिलेभर में उर्वरक (खाद) विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में, उच्च गुणवत्तायुक्त और पूरी तरह से निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है।
जिला कलक्टर के निर्देश पर सोशल मीडिया पर होगी स्टॉक की जानकारी
जिला प्रशासन ने पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए निर्देश दिए हैं कि जिले में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक और उसकी स्थिति की नियमित जानकारी जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सार्वजनिक की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इन बिंदुओं पर की गई बारीकी से जांच
संयुक्त निदेशक कृषि राधेश्याम मीणा के नेतृत्व में अमले ने विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर निम्नलिखित बिन्दुओं की गहनता से जाँच की:
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विक्रेताओं के विक्रय लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर
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खरीद-बिक्री के अभिलेख और भौतिक स्टॉक का मिलान
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पीओएस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक की स्थिति
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बिक्री बिल और रसीदें
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उर्वरकों की निर्धारित विक्रय दर और उनकी गुणवत्ता
अनियमितता मिलने पर लाइसेंस होगा निरस्त
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी दी कि किसानों को केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही खाद बेची जाए। बिना वैध लाइसेंस के उर्वरकों की खरीद-बिक्री, कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान पर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और प्रचलित नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गंभीर गड़बड़ी मिलने पर विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद
विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जिले में मांग के अनुरूप उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। आगामी रबी सीजन की फसलों को ध्यान में रखते हुए डीएपी (DAP), यूरिया, सुपर फॉस्फेट और अन्य जरूरी उर्वरकों की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जा रही है।

