नो पीयूसीसी, नो फ्यूल: भरतपुर में सख्ती शुरू, वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल और सीएनजी
भरतपुर,कोशलेन्द्र दत्तात्रेय , 9 अक्टूबर 2026
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भरतपुर जिला प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है। जिले में अब 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' (No PUCC, No Fuel) नियम को पूरी कड़ाई के साथ लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अब वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) के बिना किसी भी वाहन चालक को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी।
1 अक्टूबर से लागू हैं निर्देश, एएनपीआर सिस्टम लगाना अनिवार्य
जिला रसद अधिकारी कुशाल बिलाला ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान, जयपुर के पत्र (दिनांक 1 अक्टूबर 2026) तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह आदेश जारी किया गया है।
नियमों को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी फ्यूल एवं सीएनजी स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम या अन्य सक्षम तकनीकी व्यवस्था तत्काल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, प्रत्येक पेट्रोल पंप पर वाहन चालकों की जागरूकता के लिए 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' संबंधी स्पष्ट सूचना बोर्ड प्रमुख स्थान पर लगाना अनिवार्य किया गया है।
तेल विपणन कंपनियां करेंगी नियमित निगरानी
इस व्यवस्था की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और नायरा के संबंधित विक्रय अधिकारियों (Sales Officers) को अपने क्षेत्राधिकार के पेट्रोल पंपों पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
7 दिनों में देनी होगी अनुपालना रिपोर्ट
जिला रसद अधिकारी ने सभी संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों और तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों को आदेशों की सर्वोच्च प्राथमिकता से पालना सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, आदेश जारी होने के सात दिवस के भीतर कार्यालय में अनिवार्य रूप से अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के इस कड़े कदम का उद्देश्य जिले में वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण को रोकना और स्वच्छ वायु गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

