नसीराबाद राजकीय महाविद्यालय में कथक नृत्य कार्यशाला आयोजित: विद्यार्थियों ने सीखी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियां
नसीराबाद / भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)
श्री गोविन्द सिंह गुर्जर राजकीय महाविद्यालय, नसीराबाद में विविधा कला एवं सांस्कृतिक संस्था तथा अजमेर कथक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध और प्राचीन परंपरा से रूबरू कराना तथा उनमें कला एवं संस्कृति के प्रति गहरी रुचि विकसित करना था।
कथक की बारीकियों से रूबरू हुईं डॉ. दृष्टि रॉय
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात नृत्य प्रशिक्षक डॉ. दृष्टि रॉय ने विद्यार्थियों को कथक नृत्य की सूक्ष्म बारीकियों, भाव-भंगिमाओं, लय, ताल और शारीरिक मुद्राओं का व्यावहारिक ज्ञान दिया। उन्होंने कथक की पारंपरिक विशेषताओं और कलात्मक अभिव्यक्ति के महत्व को समझाते हुए सभी विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य सीखने के लिए प्रेरित किया।
"सांस्कृतिक गतिविधियों से निखरती है प्रतिभा" - कार्यवाहक प्राचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कार्यवाहक प्राचार्य संजय कनोजिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ हमारी अमूल्य भारतीय संस्कृति के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
आयोजन में इनकी रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम की संयोजिका व प्रभारी डॉ. अनिता राइजिंगहानी थीं, जबकि मंच का कुशल संचालन डॉ. रंजना अग्रवाल द्वारा किया गया। इस सफल आयोजन को मूर्त रूप देने में के.के. माली, श्रीमती लीला रावत, डॉ. पूनम, श्रीमती शीतल विजयवर्गीय और सुश्री मीनल शर्मा ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
"परंपरा से प्रेरणा, अभिव्यक्ति की ओर" के मुख्य संदेश के साथ संपन्न हुई इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल भारतीय शास्त्रीय नृत्य की महत्ता को समझने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें अपनी कलात्मक अभिरुचि को आगे बढ़ाने का एक शानदार मंच भी प्राप्त हुआ।

