लोहार्गल धाम में 21 से 25 अक्टूबर तक गूंजेंगे वैदिक मंत्र: वेंकटेश बालाजी मठ में भव्य ब्रह्मोत्सव की तैयारियां जोरों पर, 25 को सजेगा दिव्य विवाह उत्सव
उदयपुरवाटी/लोहार्गल ( सुमेर सिंह राव)। प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल लोहार्गल धाम स्थित वेंकटेश बालाजी मठ में आगामी 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक पांच दिवसीय भव्य ब्रह्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मठ परिसर और पूरे तीर्थ क्षेत्र में तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
पीठाधीश्वर स्वामी अश्विनी आचार्य महाराज ने दी जानकारी
वेंकटेश बालाजी मठ लोहार्गल तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी अश्विनी आचार्य महाराज ने ब्रह्मोत्सव के विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि पांच दिनों तक चलने वाले इन धार्मिक आयोजनों में रोजाना विभिन्न वैदिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
कार्यक्रम की दैनिक रूपरेखा:
- 21 अक्टूबर (प्रथम दिन): महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे विश्व सेन पूजन और गरुड़ ध्वज स्थापना के साथ होगा। इसके पश्चात शेषावतार श्री रामानुज स्वामी का अभिषेक किया जाएगा। दोपहर 12:15 बजे से यज्ञ प्रारंभ होगा और सायं को श्री रामानुज स्वामी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
- 22 अक्टूबर (द्वितीय दिन): प्रातः 9:15 बजे से वेंकटेश बालाजी एवं महालक्ष्मी का महाअभिषेक और यज्ञ अनुष्ठान होगा। इसके बाद शाम 6:15 बजे वेंकटेश मठ से तीर्थ क्षेत्र में भगवान वेंकटेश की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी।
- 23 अक्टूबर (तृतीय दिन): प्रातः 10:00 बजे से विशेष अर्चना व यज्ञ शुरू होगा। शाम 6:15 बजे वेंकटेश, भूदेवी और श्रीदेवी की मूर्तियों के साथ नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद शाम 7:00 बजे से भक्ति संध्या और भजन कीर्तन की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
- 24 अक्टूबर (चतुर्थ दिन): प्रातः 10:15 बजे से पूजन-अर्चना, गोदा रंगनाथ लक्ष्मी वेंकटेश मंगल गीत तथा हल्दी व मेहंदी की रस्मों का आयोजन होगा।
- 25 अक्टूबर (पंचम दिन - मुख्य आयोजन): महोत्सव के अंतिम दिन भव्य कल्याण उत्सव और लक्ष्मी वेंकटेश विवाह उत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 11:15 बजे से भगवान वेंकटेश की बारात खाक चौक मुख्य मार्ग से होते हुए वेंकटेश कुंड परिसर तक पहुंचेगी। बारात में देश-विदेश और दूर-दराज से आए हजारों की संख्या में श्रद्धालु नाचते-गाते शामिल होंगे। बारात के आगमन पर लक्ष्मी-वेंकटेश और गोदा रंगनाथ का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न होगा।
विशाल भंडारे के साथ होगा समापन
विवाह उत्सव और पाणिग्रहण संस्कार के उपरांत एक विशाल महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से पधारे सभी श्रद्धालु महाप्रसादी ग्रहण करेंगे। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से इस भव्य ब्रह्मोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।

