खैरथल-तिजारा जिले में डब्ल्यूएचओ के सहयोग से संशोधित नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान का विमोचन, फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
खैरथल-तिजारा जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से एक महत्वपूर्ण जिला माइक्रोप्लान समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संशोधित नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान की गहन समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजना को मजबूत करने को लेकर विस्तार से मंथन हुआ।
संशोधित माइक्रोप्लान का हुआ विमोचन
कार्यशाला के दौरान खैरथल-तिजारा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अरविंद गेंट, प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी (RCHO) डॉ. एस. लाल और डब्ल्यूएचओ की जिला प्रतिनिधि डॉ. पल्लवी राव ने संयुक्त रूप से संशोधित टीकाकरण माइक्रोप्लान का विमोचन किया। इस मौके पर जिलेभर के सभी ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों और सेक्टर प्रभारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यशाला में अधिकारियों ने माइक्रोप्लान के हर बिंदु पर चर्चा करते हुए फील्ड स्तर पर इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
100 फीसदी कवरेज और वंचित बच्चों की पहचान पर जोर
बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जिले का हर पात्र बच्चा पूर्ण और समय पर टीकाकरण के दायरे में आना चाहिए। निर्देश दिए गए कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित (Left-out) या बीच में ड्रॉपआउट न हो, ताकि बच्चों को गंभीर व रोकी जा सकने वाली बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। इसके लिए ड्यू लिस्ट (Due List) दुरुस्त करने और 'हेड काउंट सर्वे' को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
सत्रों की मॉनिटरिंग और आपसी समन्वय की अपील
कार्यशाला में टीकाकरण सत्रों की पूर्व तैयारी, आवश्यक वैक्सीन व लॉजिस्टिक्स की समय पर उपलब्धता तथा सत्रों की नियमित मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी व्यापक चर्चा हुई। अंत में सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कार्मिकों से आह्वान किया गया कि वे आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि 'कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे' के संकल्प को जमीन पर पूरी तरह साकार किया जा सके।

