कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा: नदबई क्षेत्र में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई,खाद विक्रेताओं में मचा हड़कंप,रिकॉर्ड अधूरा मिलने पर दुकानदारों को नोटिस
नदबई/ भरतपुर (विष्णु मित्तल)
जिले में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी के निर्देश तथा कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. देशराज सिंह और संयुक्त निदेशक डॉ. राधेश्याम मीणा के मार्गदर्शन में जिलेभर में ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम ने नदबई उपखंड क्षेत्र के डहरा मोड़, लखनपुर और हंतरा समेत कई इलाकों में औचक निरीक्षण किया।
दुकानों पर शटर गिराकर भागे विक्रेता, थमाए गए नोटिस
कृषि अधिकारी डॉ. सीमा चौधरी और महेश कुमार के नेतृत्व में की गई इस औचक कार्रवाई से खाद-बीज विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। विभाग की टीम को देखते ही कई विक्रेता अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से खिसक गए। टीम ने खुली हुई दुकानों और गोदामों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्टॉक और रिकॉर्ड अधूरा पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों को तुरंत कारण बताओ नोटिस थमाए गए।
किसानों से संवाद और निर्धारित दरों की जानकारी
निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने क्षेत्र के किसानों से भी सीधा संवाद किया और खाद-बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। टीम प्रभारी डॉ. सीमा चौधरी ने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और उच्च अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने किसानों को खाद की आधिकारिक दरों के बारे में जागरूक करते हुए बताया:
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यूरिया खाद: 267.50 रुपये प्रति कट्टा
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डीएपी खाद: 1350 रुपये प्रति कट्टा
किसानों के लिए सख्त चेतावनी और शिकायत नंबर
अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी विक्रेता तयशुदा दर से अधिक कीमत वसूलता है या यूरिया/डीएपी के साथ अन्य कोई अन्य सामान (जैसे टॉनिक या कीटनाशक) जबरन खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। विभाग ने किसानों से ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की शिकायत तुरंत दर्ज कराने की अपील की है।

