श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला-2026: 22 और 23 अक्टूबर को होगी तकनीकी सेमिनार, किसानों और पशुपालकों को मिलेंगी आधुनिक तकनीकें
भरतपुर, कोशलेन्द्र दत्तात्रेय , 9 अक्टूबर 2026
ऐतिहासिक श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला-2026 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के तहत कृषक एवं पशुपालकों को कृषि और पशुपालन क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के कॉन्फ्रेंस हॉल में तकनीकी सेमिनार उप समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उपवन संरक्षक चेतन कुमार बीवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
15 से 25 अक्टूबर तक होगा मेले का आयोजन
उल्लेखनीय है कि श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला का आयोजन 15 से 25 अक्टूबर तक किया जाएगा। मेले के मुख्य आकर्षण के रूप में 22 एवं 23 अक्टूबर को तकनीकी सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी मुर्गी, मत्स्य और पशुपालन की जानकारी
बैठक को संबोधित करते हुए उपवन संरक्षक चेतन कुमार बीवी ने निर्देश दिए कि सेमिनार में मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, उद्यानिकी, वर्मी कम्पोस्ट, दुग्ध उत्पादन और पशु चिकित्सा से जुड़े देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों को भी इसमें शामिल किया जाए, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर अन्य लोगों को प्रेरित कर सकें।
पशु स्वास्थ्य, लम्पी स्किन रोग और सरकारी योजनाओं पर विशेष फोकस
तकनीकी सेमिनार के सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि सेमिनार के दौरान भैंस नस्ल सुधार, गौवंश में लम्पी स्किन रोग की रोकथाम, पशुओं की साफ-सफाई और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे मंगल पशु बीमा योजना की विस्तृत जानकारी दी जाए ताकि पशुपालक अपने पशुधन की बेहतर देखभाल कर सकें और योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
प्राकृतिक खेती अपनाने का संदेश
प्रशासन ने किसानों को आधुनिक पद्धतियों के साथ-साथ प्राकृतिक खेती अपनाने और जैविक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया है। कृषि और पशुपालन आधारित आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करते हुए मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक संख्या में कृषक और पशुपालक पहुंचकर विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर सकें।
बैठक के दौरान भारतीय सरसों अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजकुमार, उद्यानिकी विभाग के उपनिदेशक जनक राज मीणा, तकनीकी सेमिनार उप समिति के सचिव डॉ. विजय सोलंकी सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

