बाल विवाह के खिलाफ उठी बुलंद आवाज: बेरका में निकाली गई जागरूकता रैली, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने ली कुरीति न मिटाने की शपथ
कठूमर ( दिनेश लेखी)। 'सशक्त बालिका-सुरक्षित समाज' सप्ताह के तहत ग्राम पंचायत बेरका के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को बाल विवाह के खिलाफ एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर गांव में जागरूकता रैली निकाली और बाल जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया।
बचपन और शिक्षा छीनता है बाल विवाह: रुचि रानी
महिला अधिकारिता विभाग की ग्राम साथिन रुचि रानी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा बच्चों का बचपन और भविष्य दोनों छीन रही है। यह न सिर्फ एक सामाजिक बुराई है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों, शिक्षा और स्वास्थ्य विकास में सबसे बड़ी बाधा है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है, जिससे डॉक्टर, इंजीनियर और आत्मनिर्भर बनने के उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। कम उम्र में गर्भधारण और घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ बालिकाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे मानसिक तनाव और घरेलू हिंसा का खतरा भी बढ़ जाता है।
कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी
ग्राम साथिन ने बाल विवाह से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कानूनन 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों का विवाह तय कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही करें और बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
शपथ ग्रहण के बाद निकाली गई रैली
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के समस्त अध्यापक-अध्यापिकाओं, विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों की मौजूदगी में बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ ली गई। इसके बाद विद्यालय से एक आकर्षक जागरूकता रैली निकाली गई, जो गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने, बेटियों को पढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य में समाज को कुप्रथाओं से मुक्त बनाने और बालिकाओं के सुरक्षित व उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया।

