'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान: कठूमर के तीन राजकीय विद्यालयों में लगे विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को सिखाए गए कानूनी दांव-पेच
कठूमर ( दिनेश लेखी)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के दिशा-निर्देशन में तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर की ओर से चलाए जा रहे 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान के तहत क्षेत्र के तीन राजकीय विद्यालयों में भव्य विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में न्यायधीशों और पैनल अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क शिक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, नशामुक्ति और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
बड़ौदाकान विद्यालय में आरटीई और शिक्षा के अधिकारों पर चर्चा
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ौदाकान में आयोजित शिविर की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला न्यायाधीश उदय सिंह अलोरिया ने विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रवेश का अधिकार, निःशुल्क शिक्षा, सुरक्षित विद्यालयी वातावरण, योग्य शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त करने तथा भेदभाव एवं उत्पीड़न से संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
ईसरोता में साइबर अपराध और नशामुक्ति पर जोर
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ईसरोता में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युधिष्ठर मीणा ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, नालसा की नशामुक्ति योजना तथा नागरिकों के मूल अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं से नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति हमेशा सतर्क रहने का आह्वान किया।
डोरोली में ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डोरोली में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आदित्य शर्मा ने साइबर ठगी के विभिन्न तौर-तरीकों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने हिदायत दी कि मोबाइल फोन पर आने वाले अनजान लिंक और संदिग्ध फाइलों को बिना जांचे बिल्कुल न खोलें। ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी (OTP) किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी।
बाल अधिकारों और निःशुल्क विधिक सेवाओं की दी जानकारी
तालुका विधिक सेवा समिति की सचिव रुचि शर्मा ने नालसा की बच्चों के लिए बाल कानूनी सेवाएं योजना, 2024 के तहत बच्चों के अधिकारों और विधिक संरक्षण की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने LGBTQIA+ समुदाय के व्यक्तियों के अधिकारों, उनके विधिक संरक्षण तथा पात्र व्यक्तियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी होने से व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा स्वयंभू होकर कर सकता है।
ये रहे मौजूद
शिविरों के दौरान बड़ौदाकान के प्रधानाचार्य रामावतार मीणा, ईसरोता के प्रधानाचार्य कलुआ राम, डोरोली के प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र रावत सहित संबंधित विद्यालयों का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। इसके अलावा पैरालीगल वालंटियर (PLV) योगेंद्र चौहान, वीरेंद्र कुमार शर्मा और अनुजा शर्मा ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
समिति की सचिव रुचि शर्मा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे एक जागरूक नागरिक बनकर अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें और जरूरत पड़ने पर दूसरों को भी सही कानूनी मार्गदर्शन दे सकें।

