अलवर और खैरथल-तिजारा में 18 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया उपलब्ध, खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिले में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसानों को घबराने या चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जिले में उपलब्ध उर्वरकों का ब्यौरा
संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) पीसी मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि अलवर एवं खैरथल-तिजारा जिले में वर्तमान में किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए भारी मात्रा में उर्वरक का भंडारण किया गया है। इसके तहत जिले में:
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यूरिया: 18,824 मीट्रिक टन
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डीएपी (DAP): 3,016 मीट्रिक टन
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एनपीके (NPK): 4,523 मीट्रिक टन
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एसएसपी (SSP): 5,790 मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है।
संयुक्त निदेशक ने विशेष रूप से बताया कि खैरथल क्षेत्र में भी किसानों की स्थानीय मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है कि किसानों को खेती के समय किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता, मांग और खपत की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि समय पर उचित आपूर्ति बनी रहे।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और अनधिकृत डायवर्जन को रोकने के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों पर नकेल कसते हुए जिले में अब तक 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, साथ ही अनियमितता पाए जाने पर एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।
प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि खाद-बीज की बिक्री में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

