पीएम श्री विद्यालय वैर में नवाचार एवं उत्साह के साथ मनाया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस; एक दिन विद्यालय का संचालन कर बालिका ने निभाई प्रधानाचार्य की भूमिका
वैर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वैर, जिला भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस उत्साह, उमंग एवं नवाचार के साथ मनाया गया। कार्यक्रम को तीन चरणों में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में विद्यालय का संपूर्ण संचालन बालिकाओं ने संभाला। कक्षा 12वीं की छात्रा वंशिका ने प्रधानाचार्य तथा कक्षा 10वीं की छात्रा प्रतिज्ञा ने उपप्रधानाचार्य की भूमिका निभाई। इसी प्रकार अन्य बालिकाओं ने शारीरिक शिक्षक, कक्षा अध्यापक एवं विषय अध्यापकों की भूमिका निभाते हुए विभिन्न कक्षाओं में विद्यार्थियों को अध्यापन कार्य करवाया। विद्यालय स्टाफ ने इस नवाचारी गतिविधि में बालिकाओं का सहयोग एवं मार्गदर्शन किया। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं ने विद्यालय संचालन की जिम्मेदारियों को समझने के साथ नेतृत्व एवं प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में ‘मेरे सपनों की दीवार’ गतिविधि आयोजित की गई। इसमें बालिकाओं ने अपने सपनों एवं जीवन के लक्ष्यों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त किया तथा उन सपनों को साकार करने के लिए उठाए जाने वाले अपने पहले कदम को भी साझा किया। इस गतिविधि ने बालिकाओं को अपने भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के तृतीय चरण में बालिकाओं ने प्रधानाचार्य को एक खुला पत्र सौंपकर विद्यालय में किए जाने वाले उन तीन आवश्यक बदलावों के बारे में अपने सुझाव दिए, जिन्हें वे प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहती हैं। बालिकाओं द्वारा विद्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था में आवश्यक सुधार तथा खेलकूद संबंधी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के सुझाव दिए गए। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को विद्यालय विकास की प्रक्रिया में अपनी बात रखने और निर्णयों में सहभागिता का अवसर मिला।
इस अवसर पर विद्यालय की 12 बालिकाओं को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला स्तर पर सम्मानित किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य पुष्पेंद्र सिंह ने समस्त विद्यालय परिवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर उड़ान भर सकें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर, उचित मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान करके उनकी प्रतिभा को निखारा जा सकता है। बालिकाओं को नेतृत्व एवं निर्णय लेने के अवसर देना उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के समापन पर बालिकाओं ने दिनभर की गतिविधियों से प्राप्त अपने अनुभव साझा किए। प्रधानाचार्य की भूमिका निभाने वाली छात्रा वंशिका ने अपने अनुभव व्यक्त करते हुए कहा कि यह उसके जीवन का सबसे यादगार दिन रहा। प्रधानाचार्य की कुर्सी पर बैठने के बाद उसे विद्यालय संचालन की जिम्मेदारियों का वास्तविक एहसास हुआ। उसने इस दिन को उत्साह, उमंग एवं नई सीख से भरपूर बताते हुए इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
विद्यालय में आयोजित यह नवाचारी कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।

