अनुजा निगम की सख्त कार्रवाई: ऋण नहीं चुकाने वाले बकायादारों और जमानतदारों को थमाए नोटिस, चेक बाउंस पर होगा केस
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)। राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (अनुजा निगम) भरतपुर ने विभिन्न वित्तीय योजनाओं के तहत ऋण लेकर समय पर किश्तों का भुगतान नहीं करने वाले बकायादारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। निगम द्वारा बकाया ऋणियों के साथ-साथ उनके जमानतदारों को भी ऋण वसूली के लिए औपचारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
इन योजनाओं के बकायादारों पर कसा शिकंजा
परियोजना प्रबंधक, अनुजा निगम ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम के निर्देशों के तहत राष्ट्रीय निगमों की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने वाले जिन लाभार्थियों ने समयावधि में किश्तें जमा नहीं कराई हैं, उनके विरुद्ध वसूली अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत एनएसएफडीसी, एनएसटीएफडीसी, एनएसकेएफडीसी, एनबीसीएफडीसी एवं एनएचएफडीसी योजनाओं के ऋणी और उनके जमानतदारों को नोटिस जारी कर तत्काल बकाया राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
चेक बाउंस होने पर न्यायालय में दर्ज होगा मुकदमा
निगम ने स्पष्ट किया है कि ऋण की किश्तों का समय पर भुगतान न करना एक गंभीर विषय है। निर्धारित समय सीमा में राशि जमा न होने पर नियमानुसार पेनल्टी के साथ बकाया राशि की वसूली की जाएगी। इसके अलावा, चेक बाउंस होने के मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) प्रस्तुत करने की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जमानतदारों की भी तय होगी जिम्मेदारी
चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि ऋण अदायगी में लापरवाही बरतने पर जमानतदारों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
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जिन मामलों में सरकारी कर्मचारियों ने जमानत दी है, वहाँ नियमानुसार संबंधित कर्मचारी के वेतन से सीधे वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
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किसान जमानतदारों से जुड़े मामलों में भी उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कानूनी कार्रवाई से बचने की अपील
अनुजा निगम ने सभी बकायादार ऋणियों से अपील की है कि वे जारी नोटिस को गंभीरता से लें और अपनी बकाया राशि समय पर जमा कराएं, ताकि अनावश्यक पेनल्टी और संभावित कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। निगम ने दो टूक कहा है कि समयावधि में भुगतान न करने पर ऋणी और जमानतदार स्वयं समस्त कानूनी परिणामों के जिम्मेदार होंगे।

