खैरथल में अतिक्रमण पर चला नगर परिषद का 'पीला पंजा': सड़क से हटाए टीनशेड और चबूतरे, भारी पुलिस बल रहा तैनात
रेलवे फाटक 93 से सब्जी मंडी तक हुई बड़ी कार्रवाई; पक्के निर्माण हटाने पर नोकझोंक, लोगों ने की स्थाई समाधान की मांग
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
शहर में रोजाना बनने वाली जाम की स्थिति और सुचारू यातायात में बाधक बन रहे अतिक्रमण पर गुरुवार को नगर परिषद का चाबुक चला। नगर परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रेलवे फाटक संख्या-93 से अभियान की शुरुआत करते हुए सब्जी मंडी, हेमू कालाणी चौक और किशनगढ़ रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान जेसीबी की मदद से सड़क पर बने अवैध टीनशेड, चबूतरे और दुकानों के बाहर रखे सामान को हटाकर रास्ता खाली कराया गया।
आलाधिकारियों की अगुवाई में हुई कार्रवाई
अभियान का नेतृत्व नगर परिषद सभापति विक्रम सिंह चौधरी, आयुक्त मुकेश शर्मा तथा जेईएन मोतीलाल वर्मा ने किया। कार्रवाई के दौरान खैरथल थाना पुलिस की टीम भी मौके पर तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी के चलते नगर परिषद की टीम ने बिना किसी बड़े व्यवधान के एक के बाद एक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी।
पक्के निर्माण हटाने पर व्यापारियों से नोकझोंक
नगर परिषद की जेसीबी पहुंचते ही बाजार में हड़कंप मच गया। कार्रवाई देख कई दुकानदार स्वयं ही अपना सामान समेटते नजर आए। हालांकि, कुछ स्थानों पर पक्के निर्माण और चबूतरे ढहाने को लेकर व्यापारियों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे टीम और व्यापारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए समझाइश कर मामला शांत कराया।
क्यों उठानी पड़ी सख्त कार्रवाई?
- सड़क तक फैला सामान: दुकानदारों द्वारा सड़कों तक सामान फैलाने और चबूतरे बनाने से मुख्य मार्ग संकरे हो गए थे।
- रोजाना लगता था जाम: संकरी सड़कों के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा था और आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनती थी।
- राहगीरों की फजीहत: पैदल चलने वाले राहगीरों को सड़क पर चलने की जगह न मिलने से हादसों का खतरा बना रहता था।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस, की ये मांग
स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद के इस कदम को बेहद राहत भरा बताया है। आमजन का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से नासूर बनी हुई थी। हालांकि, लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यह अभियान महज एक-दो दिन की औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि नगर परिषद हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न होने देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे।

