खैरथल की बेटी हुशिका व्यास का बॉक्सिंग रिंग में शानदार कमाल: स्टेट में ब्रॉन्ज और जिला स्तर पर जीता गोल्ड व 'बेस्ट बॉक्सर' का खिताब
खैरथल / हीरालाल भूरानी
अपनी कड़ी मेहनत, अटूट परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर खैरथल शहर के बाईपास निवासी प्रवीण व्यास की पुत्री हुशिका व्यास ने बॉक्सिंग के मैदान में अपनी एक अलग ही विशिष्ट पहचान बना ली है। विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने वाली हुशिका ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे खैरथल शहर का नाम रोशन कर दिया है। हुशिका अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी नानी मधु जोशी को देती हैं, जिनके प्रेरणादायी मार्गदर्शन में वह निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
स्टेट में ब्रॉन्ज और जिला स्पर्धा में गोल्ड के साथ 'बेस्ट बॉक्सर'
हुशिका ने अजमेर में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। खेल जगत से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, हुशिका खैरथल की पहली ऐसी बालिका बॉक्सर हैं, जिन्होंने राज्य स्तर पर कोई पदक प्राप्त कर इतिहास रचा है। इसके अलावा, खैरथल-तिजारा जिले में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतने के साथ-साथ प्रतिष्ठित 'बेस्ट बॉक्सर' का सम्मान भी हासिल किया।
उज्जैन में सीबीएसई प्रतियोगिता में भी लहराया परचम
स्थानीय 'स्टेप बाय स्टेप स्कूल' की मेधावी विद्यार्थी हुशिका केवल स्थानीय और राज्य स्तर तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने उज्जैन में आयोजित सीबीएसई (CBSE) राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
रोज खैरथल से अलवर तक का कठिन सफर और लगन
हुशिका की इस सफलता के पीछे उनकी अटूट निष्ठा और नियमित अभ्यास का बड़ा योगदान है। पेशेवर बॉक्सिंग का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए वह प्रतिदिन खैरथल से अलवर तक का सफर तय करती हैं। कोच सुनील सैनी के मार्गदर्शन में वह पूरी शिद्दत से अभ्यास कर रही हैं। हुशिका की यह उल्लेखनीय सफलता और संघर्ष आज क्षेत्र की अन्य बालिकाओं और युवाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।

