किसानों को रात के बजाय दिन में मिले बिजली: भारतीय किसान संघ ने कठूमर SDM को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी
कठूमर/ दिनेश लेखी
कठूमर। भारतीय किसान संघ ने कृषि कार्यों के लिए किसानों को रात्रिकालीन ब्लॉक के स्थान पर दिन के समय निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इस संदर्भ में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष पदम सिंह डागुर के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने कठूमर उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय तथा जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता भीम सिंह जाट को ज्ञापन सौंपा और समस्या के शीघ्र निस्तारण की गुहार लगाई।
रात में सिंचाई बनी जानलेवा, पलेवा में आ रही दिक्कत
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष पदम सिंह डागुर ने बताया कि क्षेत्र में बारिश न होने के कारण किसान इस समय रबी की आगामी फसलों की बुवाई के लिए खेतों में पलेवा (सिंचाई) करने में जुटे हैं। वर्तमान में विद्युत निगम द्वारा रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक कृषि बिजली सप्लाई दी जा रही है। घने अंधेरे और कड़ाके की स्थिति में रात के समय खेतों में सिंचाई करना किसानों के लिए जोखिम से भरा साबित हो रहा है।
जान का जोखिम और हादसों का डर
किसानों ने अपनी व्यथा बताते हुए ज्ञापन में मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया:
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जहरीले जीवों का खतरा: रात में खेतों में पानी भरने से जमीन और बिलों से सांप, बिच्छू व अन्य विषैले जीव-जंतु बाहर निकल आते हैं, जिससे सर्पदंश का खतरा हर समय बना रहता है।
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पूर्व में हो चुकी हैं दुर्घटनाएं: क्षेत्र में रात के समय सिंचाई के दौरान सर्पदंश से कई किसान अपनी जान गंवा चुके हैं।
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समय पर बुवाई बाधित: दिन में बिजली न मिलने से खेतों की तैयारी और बुवाई का चक्र पिछड़ रहा है।
"यदि प्रशासन ने किसानों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही दिन में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की, तो भारतीय किसान संघ उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।"
— पदम सिंह डागुर, जिलाध्यक्ष - भारतीय किसान संघ
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये किसान रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान महाराम सिंह, अभिषेक, अरुण, दीपक, देवीराम, रामवीर, सोनू, अजय, कलुआ, नरेंद्र, सचिन, रामेश्वर, कप्तान सिंह, विजय सिंह, बच्चू सिंह, राकेश, भगवान सिंह रानोता, समुंदर सिंह रेला, देवेंद्र सिंह रेला, पूरन सिंह रानौता, चरण सिंह रेला और उदय सिंह खेरली रेला सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

